तुम ऐ रईस

  • तुम ऐ रईस ! अब ना अगर और मगर करो कुछ देर अपने साथ भी प्यारे बसर करो! मुमकिन है जात  उसी लम्हे में हो जुहूर इक लम्हा काएनात से कत ए नजर करो तय्यारा हा-ए अहद -ए रवा है सदा शिगाफ मिस्ल ए- शुआ ए-नुर खला मैं सफर करों कब तक मुआमला ये दिमागो से शहद का तासीर-ए जहर बन के दिलों में गुजरी करो अब तक खुद अपने दिल मे चुभोओगे बर्छियां नोक ए सिना से गुम्बद ए-बे दर में दर करो मिलता नहीं मकां जो शरीफों के शहर में उठो तवाइफों के घराने में घर करो !
  • रईस अमरोहवी
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  • Posted on: 8.aug.2017

खुशी 

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Posted on 27.july.2017

बगै़र खर्च बांटे खुशी

हम लोग दुसरों को कुछ देने से पहले सौ बार सोचते है क्योंकि इसके लिए खर्च करना पडता है

लेकिन सुखद आश्चर्य की बात है तु दुनि़याँ की सबसे बेशकीमती चीज खुशी देने के लिए अधिकांश मामलो में बिल्कुल भी खर्च नही करना पड़ता या फिर यह काम बहुत मामुली खर्च पर हो जाता है।ऐसा भी नही है की औरो को खुशी देने  के बदले हमे कुछ न मिलता हो।

इससे हमारे रिश्तें बेहतर बनते है

बदले में लोग हमें खुशी देते है

हमारा कारोबार बढ़ता है और सबसे बडी बात खुशी के साथ आत्मिक संतुष्टि का बोनस भी मिलता है

सीख ये भी है

[14/07 4:40 pm] Monakhaan: भली लगने वाला सलाह बुरी क्यों सबित होती है

और हमारी एक सहज टिप्पणी किसी को किस कदर असहज कर जाती है इस पर गौर करें तो सुखद रिश्तों की शुरुआत आज से ही हो सकती है

[14/07 4:51 pm] Monakhaan: बगै़र खर्च बांटे खुशी

हम लोग दुसरों को कुछ देने से पहले सौ बार सोचते है क्योंकि इसके लिए खर्च करना पडता है

लेकिन सुखद आश्चर्य की बात है तु दुनि़याँ की सबसे बेशकीमती चीज खुशी देने के लिए अधिकांश मामलो में बिल्कुल भी खर्च नही करना पड़ता या फिर यह काम बहुत मामुली खर्च पर हो जाता है।ऐसा भी नही है की औरो को खुशी देने  के बदले हमे कुछ न मिलता हो।

इससे हमारे रिश्तें बेहतर बनते है

बदले में लोग हमें खुशी देते है

हमारा कारोबार बढ़ता है और सबसे बडी बात खुशी के साथ आत्मिक संतुष्टि का बोनस भी मिलता है

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इन 50 बिल्डिंग का ऐसा डिज़ाइन देखकर आप कहेंगे इसे बनाने वाले इंजीनियर थे या आर्टिस्ट

इन 50 बिल्डिंग्स का ऐसा डिज़ाइन देख कर आप कहेंगे इसे बनाने वाले इंजीनियर्स थे या आर्टिस्ट

 Poston 11 Jun. 2017 1:20

ख़ूबसूरत घर बनाना हर किसी का सपना होता है. आपने एक से एक आलीशान घर-बंगले देखे होंगे. लेकिन शायद ही आपने ऐसा कोई बंगला देखा हो, जिसके आकार ने आपको चौंका दिया हो. आज हम आपको दिखाएंगे दुनिया भर की ऐसी बिल्डिंग्स, जिनका आर्किटेक्टचर काफ़ी हैरान करने वाला है. ये हैं अजीबोग़रीब आकार की बिल्डिंग्स, जिन्हें देखकर आप भी कहेंगे कि ये कैसा डिज़ाइन है?

1. पिचकी हुई है ये बिल्डिंग.

2. एक जैसी खिड़की ढ़ूंढ के दिखाइए.

4. टोकरी जिसमें सामान नहीं, इंसान रहते हैं.

5. बाहर से आ रही है लाइब्रेरी वाली फ़ीलिंग.

6. ज़रा नक्काशी तो देखिए, पत्थर को तराश के बनाया है ये

 घर.

7. धरती में समाने की एक नाकामयाब कोशिश.

8. कौन रख कर चला गया इन्हें ऐसे?

9. सामान कैसे रखा होगा अंदर.

10. इसे कहते हैं भूत बंगला.

11. पहाड़ का सीना चीर के बना दिया घर.

12. ये है डांसिंग बिल्डिंग.

13. घर है या वॉशिंग मशीन.

14. ये है मटके वाला घर.

15. बिल्डिंग नहीं पज़ल गेम है ये.

 
17. दिमाग़ वाला घर.

.

20. लगता है धरती पर एलियन आ गए हैं.

21. लो एलियन्स ने तो मकान भी बना लिया.

22. वाह! क्या दरवाज़ा है.

23. ये मिस्र का पिरामिड नहीं, कोरि.

 
29. कंटेनर नहीं घर है.

30. कहां से उड़ कर आया ये घर यहां?

31. ऐसा ही होता है, जब जगह ख़त्म हो जाए पर कम हो

33. बिल्डिंग जो प्रकृति का भी रखे ख्याल.

34. ये गुंबद कहां चुराया होगा, जिसमें इन्होंने बना लिया 

घर.

35.  नूडल्स की तरह दिखता चीन का ये स्टेडियम.

36. ये है बिल्डिंग का छाता.

37. एक और पिरामिड वाला होटल.

38. ये कोई प्लास्टिक का टब नहीं स्टेडियम है.

39. कितनी रंगीन है ये बिल्डिंग.

40. डॉल जैसी बिल़्डिंग.

41. ये कोई ड्रम नहीं, एक बिल्डिंग है.

42. बिल्डिंग के सामने अंडा क्यों रख दिया भाई?

43. ये मिसाइल नहीं है.

44. जल्दी का काम शैतान का.

45. स्टील की मज़बूती है इसमें.

46. गोल चकरी.

47. बिल्डिंग में बॉल क्यों रख दी?

48. पांचवा माला और फैलेगा.

49. टूटा नहीं है, इसका डिज़ाइन ही ऐसा है.

Posted on 11.june.2017

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#बेटी

#बेटी
एक घर था कुछ लोग थे,

कुछ लोग थे एक बेटी थी,

एक बेटी थी जिसके सपने थे,

कुछ सपने थे जो ऊँचे थे |

कुछ ऊँचे थे जो मान्यताएँ थी,

कुछ मान्यताएँ थे जो रुकावट थी,

कुछ रूकावटे थी जो अपने भी थे,

कुछ अपने थे जो डरते थे,

डरते थे सोच से, समाज की,

समाज था जिसकी कहावते थी ||
कहावते थी की तुम लड़की हो,

लड़कियों के कई दायरे होते है,

दायरे सपनो के, हँसने के, जीने के |

जीने का तुम्हे वो अधिकार कहाँ है,

वो इज़्ज़त और वो प्यार कहाँ है ||
क्या करोगी तुम नौकरी ले कर |

इस ज़माने से अकेले लड़ कर ||

सीखना है तो,सीखो कुछ घर के काम |

भूल जाओ नौकरी और बाकि ताम-झाम ||

तुम्हारा आगे बढ़ना दुनिया को, सहा नही जाता है |

समाज कहता है,बेटी की कमाई खाता है ||

करना है कुछ, तो चूल्हा-चौका करो |

दिन भर चूल्हे की आग में जलो ||

तुम्हारा सपने देखना, वक़्त की बर्बादी है |

मंजिल तुम्हारी सिर्फ और सिर्फ शादी है ||
इस कदर सपनो को कुचल दिया गया,

कुचल दिया गया उन अरमानो को,

अरमान जो उसके जीने का सहारा थे,

सहारा थे आज़ाद उड़ने के सपने के |

कुछ सपने थे जो टूटे थे

टूटा था वो आत्मविश्वास था

आत्मविश्वास जो उसे खुद पर था

खुद को उसने खो दिया, सपनो से मुह मोड़ दिया ||
एक घर था कुछ लोग थे,

कुछ लोग थे एक बेटी थी |

एक बेटी थी जिसके सपने थे,

कुछ सपने थे जो ऊँचे थे ||
लडकी होना गुनाहा नही…..✍

Posted on 4june

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