तुम ऐ रईस

  • तुम ऐ रईस ! अब ना अगर और मगर करो कुछ देर अपने साथ भी प्यारे बसर करो! मुमकिन है जात  उसी लम्हे में हो जुहूर इक लम्हा काएनात से कत ए नजर करो तय्यारा हा-ए अहद -ए रवा है सदा शिगाफ मिस्ल ए- शुआ ए-नुर खला मैं सफर करों कब तक मुआमला ये दिमागो से शहद का तासीर-ए जहर बन के दिलों में गुजरी करो अब तक खुद अपने दिल मे चुभोओगे बर्छियां नोक ए सिना से गुम्बद ए-बे दर में दर करो मिलता नहीं मकां जो शरीफों के शहर में उठो तवाइफों के घराने में घर करो !
  • रईस अमरोहवी
  • Twitter @momeenabano
  • Website Monakhaan.com
  • Posted on: 8.aug.2017
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Author: MonaKhaan_

I keep my ideals, because in spite of everything I still believe that people are really good at heart.