एक चिडि़या जो कैद है खुद के अपनों की फिक्र मे ……..एक चिडि़या जो कैद है खुद की ख्वाहिशों में ………एक चिडि़या जो कैद है खुद की ही बेरुखी में ……….वो उड़ना चाहती है अपने उस सुकुन के साथ जो ……….इस दुनिया की रस्मों से परे हैं जो इस दुनिया की ……………………सोच से परे हैं…..
 आज भी उमीद है उसे के एक दिन उसका सुकुन उसके साथ होगा उसके पास होगा…

Written by mona

Posted on 21.may2017

Twitter:@mona_khaan

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Author: MonaKhaan_

I keep my ideals, because in spite of everything I still believe that people are really good at heart.