फिर से खुद को तन्हां कर लिया

Twitter: @Mona_khaan

  • फिर से खुद को तनहा कर लिया
  • आज फिर किसी ने बेवजह ही गम दिया
  •  हर बार की तरह हमें ही बुरा बना दिया
  • मजबूरियों का जिक्र करके रुसवा कर दिया
  • कमजोर है हम फिर भी एक और सदमा दिया
  • ना जाने क्यु ख्वाहिशों का गला घोट दिया
  • रुसवाइयों से हमारा नाता जोड़ दिया
  • हमारी इतनी सच्ची मोहब्बत के बाद भी  हमें हमारी पहचान ना दि
  • बेकरारीयों को बेजार कर दिया
  • बेइंतहा मोहब्बत करने का हमें यह सिला दिया हमें खुद से जुदा कर दिया
  • हमारी खामोशियों को समझने का इंतजार ना किया
  • हमें तन्हाईयों का साथी बना दिया…
  • अपनी मर्जी से हमें खुद की मोहब्बत का गुलाम बना दिया
  • अपनी अधुरी मोहब्बत की यादो का हमें कैदी बना दिया
  • हर बार की तरह हमने उसकी बेरुखी को  फिर से गले लगा लिया….
  • उसे बे दर्द ने हमारें ऑसुओँ के दर्द को बे कद्र कर दिया……
  • हमने फिर भी  उसकी हिफाजत के लिए दुआओं में अपने हाथ उठा लिए
  • उसने आज भीं हमारी भीगी पलकों को अनदेखा कर लिया
  • हर बार की तरह हमने आज फिर उसकी यादों में अपनी नींद से समझौता कर लिया
  • उसने बेचैन धडकनो की धडकन को खामोश कर दिया
  • हर बार की तरह हमने आज फिर उसकी फिक्र में सुनहरी शाम को रुसवा कर दिया
  • हर बार की तरहHW Home

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  • Fir Say Khud Ko Tanhaa

    Poet: mona_Khaan
    Posted on:16.march.2017
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    Author: MonaKhaan_

    I keep my ideals, because in spite of everything I still believe that people are really good at heart.

    7 thoughts on “ फिर से खुद को तन्हां कर लिया”

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